सोनीपत की श्रुति राविश को मिला स्वामी दयानंद युवा लेखक सम्मान, मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
सोनीपत।
सोनीपत की युवा लेखिका एवं शिक्षाविद् श्रुति राविश को साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए रोहतक में एक कार्यक्रम के दौरान स्वामी दयानंद युवा लेखक सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन्हें सम्मान स्वरूप एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी भेंट की।
श्रुति राविश ने बताया कि उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा हिंदू विद्या पीठ, सोनीपत से तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा हिंदू गर्ल्स कॉलेज, सोनीपत से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने नीलम विश्वविद्यालय, कैथल (हरियाणा) से पीएच.डी. की उपाधि हासिल की। वर्तमान में वह असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं।
श्रुति राविश ने बताया कि उन्हें बचपन से ही लेखन का विशेष शौक रहा है। अब तक वह पांच पुस्तकों की रचना कर चुकी हैं, जिनमें 'शृंगार सागर' प्रमुख है। उनके साहित्यिक योगदान को पहले भी सराहा जा चुका है। वर्ष 2021 में उन्हें हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला द्वारा युवा विवेकानंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में वह समाज और साहित्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेखन कार्य कर रही हैं। स्वामी दयानंद युवा लेखक सम्मान मिलने पर साहित्य जगत और सोनीपत के लोगों में खुशी का माहौल है। इस उपलब्धि पर शिक्षकों, साहित्यकारों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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