शोध और नवाचार हैं समाज और राष्ट्र की प्रगति के मूल आधार : डा. विनीत मित्तल

शोध और नवाचार हैं समाज और राष्ट्र की प्रगति के मूल आधार : डा. विनीत मित्तल


सोनीपत, 19 मार्च।
जीवीएम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (जीवीएमआईटीएम) तथा जीवीएम कॉलेज ऑफ फार्मेसी, सोनीपत द्वारा इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन (हरियाणा शाखा) के सहयोग से बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आईसीएसईआईएमपीएस-2026 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में इंडियन फार्मास्युटिकल एसोसिएशन (हरियाणा शाखा) के उपाध्यक्ष डॉ. विनीत मित्तल उपस्थित रहे, जिन्होंने नवाचार, अंतर्विषयक शोध और उद्योग-अकादमिक सहयोग के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पंजीकरण, दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुई, जिससे वातावरण गरिमामय एवं प्रेरणादायक बन गया। यह सम्मेलन जीवीएम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डा. ओ.पी. परूथी और प्राचार्या डॉ मंजू पपरेजा के नेतृत्व और मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि डा. विनीत मित्तल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शोध और नवाचार किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति के मूल आधार होते हैं। शोध के माध्यम से नए ज्ञान की खोज होती है, जबकि नवाचार उस ज्ञान को व्यावहारिक रूप देकर समस्याओं का समाधान करता है। आज के प्रतिस्पर्धी युग में शिक्षा, विज्ञान, तकनीक और उद्योग सभी क्षेत्रों में नवाचार की आवश्यकता बढ़ गई है। यह न केवल नई संभावनाओं को जन्म देता है, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करता है। इसलिए विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को नई सोच, रचनात्मकता और प्रयोगधर्मिता को अपनाना चाहिए, ताकि वे समाज के लिए उपयोगी और प्रभावी समाधान प्रस्तुत कर सकें।
उद्घाटन सत्र में जीवीएम इंस्टीट्यूट की प्राचार्य डॉ. मंजू पपरेजा ने स्वागत भाषण दिया, जबकि डॉ. कोमल दहिया ने सम्मेलन के उद्देश्यों एवं इसकी वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में रवि गांधी, राजेश रेलन, मनोहर कुमार, डॉ. सुभाष गाखर, डॉ. शकुंतला गक्खड़, डॉ. मंजू पप्रेजा एवं डॉ. रितु कटारिया सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सम्मेलन का मुख्य आकर्षण विशेषज्ञों की पैनल चर्चा रही, जिसमें विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशक एवं विशेषज्ञों ने शिक्षा, शोध और उद्योग के क्षेत्र में उभरते रुझानों, चुनौतियों और अवसरों पर अपने विचार साझा किए। इसके साथ ही संपादकीय पैनल ने शोध गुणवत्ता, प्रकाशन नैतिकता और अकादमिक उत्कृष्टता पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यों एवं शिक्षाविदों की उपस्थिति ने शैक्षणिक वातावरण को और समृद्ध किया। सम्मेलन के दौरान शोध पत्रों का विमोचन, सम्मान समारोह तथा तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। आरयूएसए हॉल में आयोजित पोस्टर प्रेजेंटेशन में शोधार्थियों और छात्रों ने अपने नवाचारों का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन डॉ. रितु कटारिया द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश से आए शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आईसीएसईआईएमपीएस-2026 को ज्ञान-विनिमय, नवाचार और सहयोग का एक सफल मंच बना दिया।

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