छात्र केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि सीखने वाले बनेंगे- कुलपति अशोक कुमार
अनिल कुमार खत्री / सोनीपत।
राई (सोनीपत) स्थित खेल विश्वविद्यालय हरियाणा में “महत्वपूर्ण उपलब्धियों को प्राप्त करना और गुणवत्ता बनाए रखना” विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान का नेतृत्व विश्वविद्यालय के कुलपति अशोक कुमार, आईपीएस (सेवानिवृत्त), पूर्व पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विश्वविद्यालय की विकास यात्रा, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा भविष्य की दिशा पर सार्थक विमर्श करना रहा।
अपने संबोधन में कुलपति ने खेल विश्वविद्यालय हरियाणा की अब तक की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए विश्वविद्यालय की ब्रांडिंग और सकारात्मक छवि निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक सशक्त पहचान के साथ आगे बढ़ने के लिए विश्वविद्यालय ने बीते वर्षों में अनेक ठोस कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप खेल विश्वविद्यालय हरियाणा आज देश का तीसरा सबसे बड़ा खेल विश्वविद्यालय बन चुका है। उन्होंने इसे सामूहिक प्रयासों और स्पष्ट दृष्टि का परिणाम बताया।
कुलपति ने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय की इस प्रगति में मोतीलाल नेहरू स्पोर्ट्स स्कूल (एमएनएसएस), राई का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। एमएनएसएस की वर्षों पुरानी प्रतिष्ठा, अनुशासन और अनुभव ने विश्वविद्यालय को मजबूती प्रदान की है और उसका स्थापित नाम विश्वविद्यालय की ब्रांड वैल्यू को निरंतर सुदृढ़ करता रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य भारत की नंबर-1 खेल विश्वविद्यालय बनना है और इसी दृष्टि से भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करने की योजनाएँ बनाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि यहाँ छात्र केवल डिग्रीधारी नहीं, बल्कि सीखने वाले, उत्कृष्ट खिलाड़ी और खेल संस्कृति के संवाहक बनेंगे, जो देश और विश्व स्तर पर भारत की खेल पहचान को आगे बढ़ाएंगे।
परीक्षा प्रणाली पर बात करते हुए उन्होंने नकल और अनुचित साधनों के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति को दोहराया और छात्रों से ईमानदारी तथा परिश्रम के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों, कोचों और छात्रों को शोध कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने, नए विचारों के साथ आगे आने और नवाचार की दिशा में निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
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