पक्का करने के कोर्ट के फैसले को शिक्षकों व शिक्षा स्टाफ पर लागू किया जाए -- हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ
पक्का करने के कोर्ट के फैसले को शिक्षकों व शिक्षा स्टाफ पर लागू किया जाए -- हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ
राष्ट्रीय जंक्शन / सोनीपत।
हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ संबद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं स्कूल टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिला प्रधान नरेंद्र चहल, सचिव दिनेश छिक्कारा , राज्य सचिव जोगिंदर सिंह, जिला कोषाध्यक्ष रोहतास गंगाना ने सयुक्त प्रैस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले अनुसार प्रदेश में कार्यरत सभी अनियमित शिक्षकों एवं सहायक स्टाफ को नियमित करने की मांग को लेकर संगठन ने अतिरिक्त मुख्य सचिव महोदय शिक्षा विभाग हरियाणा को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा जैसे गरिमापूर्ण और राष्ट्र-निर्माण से जुड़े कार्य को यदि अनियमित, असुरक्षित और पेंशन-विहीन बना दिया जाए, तो उस देश के विकास की कल्पना करना ही बेमानी है। आज हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था इसी गंभीर संकट से गुजर रही है, जहाँ वर्षों से सेवाएँ दे रहे शिक्षक और शिक्षा कर्मचारी आज भी अस्थायी, कच्चे और शोषणकारी ढाँचे में काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने आगे बताया कि आगे बताया कि
माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 23 दिसंबर 2025 व 31 दिसंबर 2025 को स्पष्ट, तर्कपूर्ण और ऐतिहासिक फैसलों में निर्देश दिए हैं कि 1993, 1996, 2003 व 2011 की नीतियों के तहत पात्र कच्चे कर्मचारियों को नियमित किया जाए तथा 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को पद सृजित कर नीति बनाकर पक्का किया जाए। इसके बावजूद हरियाणा सरकार इन आदेशों को लागू करने के बजाय कभी डबल बेंच, तो कभी सुप्रीम कोर्ट का बहाना बनाकर टालमटोल की नीति अपना रही है, जो न्यायालय की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि 20 हजार अनियमित शिक्षक—गेस्ट टीचर, कौशल टीचर, आरोही स्कूल टीचर, वर्क एजुकेशन इंस्ट्रक्टर, कंप्यूटर टीचर, लैब अटेंडेंट आदि—पिछले 10 से 20 वर्षों से शिक्षा का दायित्व संभाले हुए हैं, लेकिन आज भी उन्हें न नियमित वेतन मिला है, न सेवा-सुरक्षा, न ही किसी तरह के भत्ते मिलते हैं और न ही पेंशन का अधिकार।
इसी प्रकार स्कूलों एवं शिक्षा विभाग में कार्यरत लगभग 40–50 हजार कच्चा सहायक स्टाफ, जिनमें पार्ट-टाइम स्वीपर, चौकीदार, मिड-डे मील वर्कर, सिम , शिक्षा बोर्ड भिवानी का कच्चा स्टाफ, एससीईआरटी गुरुग्राम का कच्चा स्टाफ तथा खंड, जिला व निदेशालय स्तर के शिक्षा कार्यालयों में कार्यरत कच्चे कर्मचारी शामिल हैं, गंभीर शोषण की स्थिति में कार्य कर रहे हैं।हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ स्पष्ट करता है कि यदि सरकार ने समय रहते उच्च न्यायालय के फैसलों को शिक्षकों व शिक्षा स्टाफ पर लागू नहीं किया, तो 19 जनवरी 2026, सोमवार को सभी गेस्ट टीचर, कौशल टीचर, आरोही स्कूल टीचर, वर्क एजुकेशन इंस्ट्रक्टर, कंप्यूटर टीचर, लैब अटेंडेंट तथा समस्त कच्चा सहायक स्टाफ जिला स्तर पर उपायुक्तों के समक्ष होने वाले प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर भाग लेंगे और मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
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