वाल्मीकि रामायण (बालकांड) के पंजाबी अनुवाद कापंजाब लोक भवन में हुआ भव्य विमोचन

 वाल्मीकि रामायण (बालकांड) के पंजाबी अनुवाद का
पंजाब लोक भवन में हुआ भव्य विमोचन

राष्ट्रीय जंक्शन / चंडीगढ़।
 पंजाब लोक भवन में सप्त सिंधु अंबेडकर स्टडी सेंटर, चंडीगढ़ द्वारा एक विशेष सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भगवान वाल्मीकि द्वारा रचित 'रामायण' के पंजाबी अनुवाद (बालकांड) की प्रतियां उपस्थित सभी सदस्यों को भेंट की गईं।
 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, हरियाणा के राज्यपाल  गुलाबचंद कटारिया ने अपने संबोधन में वाल्मीकि रामायण और श्री रामचंद्र के जीवन चरित्र के वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि  "भगवान वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों का जीवंत दस्तावेज है। श्री रामचंद्र  का जीवन चरित्र भारतीय समाज की आत्मा है, जो हमें त्याग, कर्तव्यपरायणता और न्याय के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है। आज के युग में जब विश्व शांति और सद्भाव की खोज कर रहा है, तब रामायण के आदर्श पूरे विश्व को एक सूत्र में पिरोने की क्षमता रखते हैं।"
वाल्मीकि रामायण की प्रासंगिकता पर विशेष व्याख्यान
हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने रामायण के दार्शनिक और साहित्यिक महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि रामायण का पंजाबी अनुवाद इस महान ज्ञान को जन-जन तक पहुँचाने में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने भगवान वाल्मीकि को 'आदिकवि' बताते हुए उनके द्वारा स्थापित सामाजिक समरसता के सिद्धांतों की सराहना की।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सरदार सतिंदर सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर कई गणमान्य विभूतियां उपस्थित रहीं।

ये रहे मुख्य रूप से उपस्थित।

 * रविंद्र बलियाला: चेयरपर्सन, अनुसूचित जाति आयोग, हरियाणा।
 * दविंदर सिंह एवं श्री यश गिरी,  दिनेश वाल्मीकि  व
 * मनजीत सिंह: सदस्य सचिव, हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी।
कार्यक्रम के अंत में सप्त सिंधु अंबेडकर स्टडी सेंटर के प्रतिनिधियों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
 

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