पराली प्रबंधन को लेकर की जा रही है कड़ी एवं निरंतर निगरानी:- एसडीएम अंजलि श्रोत्रिय

पराली प्रबंधन को लेकर की जा रही है कड़ी एवं निरंतर निगरानी:-  एसडीएम अंजलि श्रोत्रिय

राष्ट्रीय जंक्शन / गोहाना। 
एसडीएम गोहाना अंजलि श्रोत्रिय, आईएएस ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रशासन की कड़ी एवं निरंतर निगरानी के कारण किसानों द्वारा पराली जलाने की घटनाओं में पहले की अपेक्षा कमी आई है और जो भी किसान पराली जलाते हुए पाया गया है उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। कृषि विभाग द्वारा निरंतर रूप से किसानों को पराली ना जलाने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम भी प्राप्त हो हुए हैं। 
एसडीएम अंजलि श्रोत्रिय ने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए कृषि विभाग द्वारा पराली प्रबंधन को लेकर किए जा रहे उपायों का फायदा उठाना चाहिए। पराली या इसके अवशेषों को खेत में जलाने से मिट्टी की उरवर्कता में कमी आती है और फसलों के लिए आवश्यक मिट्टी के खनिज तत्व नष्ट हो जाते हैं। पराली जलाने से पर्यावरण में भी अत्यधिक हानि पहुंचती है जोकि हम सभी के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। पराली को जलाने की बजाए लघु और कुटीर उद्योगों में इसका प्रयोग करना चाहिए, जिससे किसानों को आर्थिक सहायता भी प्राप्त हो। 
उन्होनें बताया कि कृषि विभाग की टीमें लगातार एवं निरंतर रूप में पराली को जलाने से रोकने के लिए क्षेत्र में प्रयासरत हैं। भविष्य में भी जो किसान पराली या इसके अवशेष जलाता हुआ पाया गया उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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