पत्रकारों ने एक्रीडेशन रद्द करने व प्रदेश मीडिया पॉलिसी पर जताई चिंता
राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर हुई बैठक में पुरानी मान्यताओं को रद्द करने पर पुनर्विचार की मांग
हिसार।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर हिसार–आदमपुर–भट्टू–बरवाला क्षेत्र के वरिष्ठ पत्रकारों ने आज हिसार टुडे कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें हरियाणा सरकार की नई मीडिया पॉलिसी पर गहन मंथन किया गया। पत्रकारों ने विशेष रूप से इस बात पर चिंता जताई कि नई पॉलिसी लागू होने से वे दर्जनों पत्रकार, जो पिछले 15–20 वर्षों से सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त रहे हैं, उनकी मान्यताएँ अचानक रद्द कर दी गई हैं।
पत्रकारों का कहना था कि नई पॉलिसी को सीधे पुराने मान्यता प्राप्त पत्रकारों पर लागू करना न्यायसंगत नहीं है। उनका मानना है कि वर्षों से प्रदेश में निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले वरिष्ठ पत्रकारों की सेवाओं को ध्यान में रखते हुए, उनकी मान्यताओं को यथावत रखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नई पॉलिसी का क्रियान्वयन केवल नए आवेदकों पर किया जाना चाहिए।
राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर पत्रकारों की सामूहिक आवाज
वरिष्ठ पत्रकारों ने स्वतंत्र और ज़िम्मेदार मीडिया की गरिमा को सुरक्षित रखने पर जोर दिया
बैठक में विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकारों ने अपने-अपने विचार साझा किए और कहा कि प्रेस लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जिसकी प्रतिष्ठा और स्वतंत्रता को संरक्षित रखना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। पत्रकारों ने यह भी कहा कि बिना किसी स्पष्ट कारण के वर्षों पुरानी मान्यताओं को रद्द करना अनुभवी पत्रकारों के योगदान के प्रति अनादर जैसा है।
मुख्यमंत्री से मुलाकात का प्रस्ताव पास
वरिष्ठ पत्रकारों ने प्रशासन से पॉलिसी पर पुनर्विचार करने की अपील करने का निर्णय लिया
चर्चा के दौरान यह सामूहिक निर्णय लिया गया कि पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही मुख्यमंत्री और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर इस निर्णय पर पुनर्विचार का आग्रह करेगा। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा टुडे के संपादक कुलदीप रावलवासिया ने की। इस अवसर पर आदमपुर टाइम्स के मुख्य संपादक विनोद खन्ना, हिसार टुडे के संपादक महेश महता, भट्टू दर्पण के संपादक जय सिंह, अजमेरा टाइम्स से फूल कुमार, चिराग टाइम्स से दिनेश रंगा, आवाज दूत से सुरेश कुमार, सुरेश सोलंकी सहित कई पत्रकार मौजूद रहे।
पत्रकारों ने एक सुर में कहा कि मीडिया पॉलिसी लागू करते समय वरिष्ठ पत्रकारों के अनुभव और योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए। बैठक आपसी सहमति और सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई।
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