श्री अग्रसेन धाम कुंडली से जुड़ा हर भक्त होगा सौभाग्यशाली - साध्वी समाहिता

श्री अग्रसेन धाम कुंडली से जुड़ा हर भक्त होगा सौभाग्यशाली -  साध्वी समाहिता

राष्ट्रीय जंक्शन / कुंडली।
श्री अग्रसेन धाम कुंडली में निरंतर सात दिनों तक चल रही भगवान गोवर्धन पूजा विधिवत संपूर्ण हुई । इस अवसर पर विशेष रूप से शामिल होकर विश्व विख्यात प्रभु महिमा की कथा प्रवहाक साध्वी समाहिता जी ने भगवान गोवर्धन श्री बांके बिहारी जी की महिमा के साथ-साथ श्री बालाजी हनुमान जी महाराज के 501 चालीसा पाठ का भी बखान किया । मधुर वाणी के धनी श्री अग्रसेन धाम महिमा प्रचारक प्रसिद्ध भजन गायक प्रिंस शुभम जैन की जोड़ी का विशेष सहयोग रहा । इस शुभ अवसर पर साध्वी समाहिता जी ने कहा कि उन्हें श्री अग्रसेन धाम में साक्षात पद्मासन पर विराजमान माता महालक्ष्मी के वरदान की संपूर्ण आभा की वर्षा होती हुई मां की अनुभूति होती है । उन्होंने कहा कि पूरे भारतवर्ष में यह धाम माता महालक्ष्मी वरदान का ऐसा शक्तिपीठ होगा जहां पर नतमस्तक होने वाला हर भक्त अपने संपूर्ण जीवन को धन्य करता हुआ धन ,वैभव, ऐश्वर्य ,संतान की प्राप्ति से मालामाल हो जाएगा । इस धाम की ध्वजा हमेशा आकाश में लहराएगी व इससे जुड़ा हर भक्त  बहुत ही भाग्यशाली बनेगा। साध्वी जी ने कहा धाम में निरंतर चल रही श्री बालाजी महाराज की अखंड ज्योत के दर्शन सभी भक्तों के सभी दुखों ,संकटों व बाधाओं को मुक्त करने वाले हैं । उन्होंने कहा कि श्री अग्रसेन धाम कुंडली में हर देवी देवता की विशेष अनुपम कृपा है । हमें निरंतर यहां पर सच्ची श्रद्धा के साथ मत्था टेक कर मनोकामना पूर्ति की अरदास करनी चाहिए। साध्वी समाहिता जी ने कहा कि श्री अग्रसेन धाम कुंडली के अध्यक्ष धर्म प्रेमी महाराजा अग्रसेन जी के सेवक राजेंद्र अग्रवाल व उनकी पूरी टीम की आस्था समाज व धर्म के प्रति इतनी कोमल एवं श्रद्धावान है जिससे यह धाम विश्व विख्यात होगा । इसकी भव्यता, सुंदरता व महाशक्ति, मान्यता के दर्शनों के लिए पूरे विश्व से लाखों भक्त श्रद्धालु विशेष रूप से आएंगे। आयोजन में अरुणाचल प्रदेश की आई.पी.एस. श्रुति सिंघल को विशेष रूप से सम्मानित किया गया । श्रुति सिंघल ने कहा कि सभी धार्मिक सामाजिक अनुष्ठान हमारी आस्था को और भी मजबूत करते हैं व हमें अपने धर्म व समाज, राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास करवाते है। उन्होंने कहा कि हमें कानून का सदैव सम्मान करना चाहिए व प्रशासन की सहायता करते हुए अपने देश की समृद्धि व खुशहाली के लिए कार्य करना चाहिए । सब की मानवता की रक्षा व कमजोर वर्ग को ऊपर उठाकर उनकी मदद करना भी प्रभु की भक्ति है किसी भी असहाय  व्यक्ति की सहायता करना भी ईश्वरीय कार्य है । हमें बेटियों को अच्छी शिक्षा ,संस्कार देने चाहिए ताकि हम सभी देश की उन्नति में मुख्य भागीदारी कर सके । संस्था के  संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र अग्रवाल ने आए हुए सभी भक्त अतिथिगणों का स्वागत अभिनंदन किया । श्री अग्रवाल ने कहा कि सही मायने में सफल व्यक्ति वह है जो अपनी सफलता के साथ-साथ अन्य काफी लोगों को भी सफल बनाने में सक्षम हो । भगवान श्री गोवर्धन जी की पूजा हम सभी को यही सीख प्रदान करती है कि विशाल पर्वत होते हुए भी उन्होंने लोगों की रक्षा के लिए अपने आप को इतना सरल बना लिया की स्वयं भगवान की सबसे छोटी उंगली पर विराजमान होकर गोकुल व बरसाना वासियों एवं हजारों- हज़ारों गौ वंश पशुओ,की रक्षा की एवं इंद्र के घमंड को चकनाचूर करते हुए उन्हें आम जनमानस की रक्षा- सुरक्षा व पालना के लिए अपनी जिम्मेदारियां का एहसास करवाया व भगवान श्री कृष्ण की जय घोष के साथ पूरी सृष्टि को धर्म की विजय , अधर्म घमंड़ का विनाश एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया । उन्होंने कहा की महाराजा अग्रसेन जी के सिद्धांत और आदर्श भी हमें यही सीख देते हैं कि हम अपनी नेक कमाई का कुछ हिस्सा राष्ट्र निर्माण एवं असहाय की सहायता करने के लिए उपयोग करें तभी हमारा जीवन सार्थक व खुशहाल रहेगा । इस शुभ अवसर पर संस्था के राष्ट्रीय महामंत्री अनिल गोयल, राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेश गोयल राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दीपक मंगला, रश्मि सिंगल, राहुल सिंघल, अशोक गर्ग, अनूप गर्ग वीरेंद्र गर्ग, अंकित अग्रवाल, प्रमोद जिंदल, नितिन जिंदल, शालिनी मंगला, ममता मंगला, श्री भगवान गोयल, रविंद्र अग्रवाल, सुरेश गोयल, महेंद्र सिंघल आदि सैकड़ो भक्त ट्रस्टीगणों का विशेष सहयोग रहा। भारी संख्या में शामिल सभी भक्त भगवान का स्वरूप व श्रृंगार देखकर मंत्र मुग्ध हो गए । इस शुभ अवसर पर सैकड़ो ज्योत की थालियों से भगवान जी की मंगला आरती व विशाल भंडारे का आयोजन किया गया । महोत्सव में अग्रवाल टटीरी मंडी से सुप्रसिद्ध समाजसेवी अभिमन्यु गुप्ता, बागपत अग्रवाल समाज के अध्यक्ष मनोज गोयल, बडोत अग्रवाल समाज के अध्यक्ष सचिन गुप्ता, अपनी टीम के सभी साथियों के साथ शामिल हुए । समाजसेवी विवेक जैन और विपुल जैन का विशेष सहयोग रहा।

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