सीटू से संबंधित सभी यूनियनों ने सीटू के राष्ट्रीय आह्वान पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया । इस दौरान धरना प्रदर्शन कर सांसद के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के नाम महिलाओं, और स्कीम वर्कर की मांगों का ज्ञापन भी सौंपा गया । धरने की अध्यक्षता सीटू जिला प्रधान अनीता ने तथा संचालन जिला सचिव राजेश ने किया वहीं सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव सुनील दत्त ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया । इस दौरान किसान सभा के वरिष्ठ नेता श्रद्धानंद सोलंकी भी प्रदर्शन में शामिल रहे l
कर्मचारी नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा कर्मचारियों की अनदेखी की जाती है जबकि कर्मचारी दिन रात मेहनत से काम करते हैं । उन्होंने सभी परियोजना परियोजना वर्कों की प्रोत्साहन राशियों का समय पर भुगतान करने की मांग की ।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में महिलाओं को हर माह 2100 रुपए देने का वादा किया था जिसे अब तक पूरा नही किया गया । उसे नवंबर 2024 से लागू कर तुरंत पूरा करने की मांग की । प्रदर्शन कारियों ने भाजपा अध्यक्ष मोहनलाल बडौली और गायक रॉकी मित्तल पर लगे सामूहिक बलात्कार के मामले की न्यायिक जांच हाईकोर्ट की निगरानी में करवाए जाने की मांग की । इस दौरान सभी कार्यस्थलों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रिवेंशन ऑफ़ सेक्सुअल हैरेसमेंट एक्ट ( पॉस) को सख्ती से लागू करने की भी मांग की। हिंसा पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास के लिए बजट का उचित प्रावधान करने व जस्टिस वर्मा कमीशन की सिफारिशों को लागू करने की मांग की ।
प्रदर्शन कारियों ने हत्याओं एवं अपराधों के खिलाफ सख्त कानून बनाने कप्पल प्रोटेक्शन होम्स की स्थिति को सुधारने एवं उनका बजट बढ़ाने तथा घरेलू हिंसा कानून के समुचित क्रियान्वयन और सखी केंद्रों के लिए बजट बढ़ाने की भी मांग की।
कर्मचारी नेताओं द्वारा हर जिले में सरकारी शॉर्ट-स्टे-होमस और कामकाजी महिलाओं के लिए सरकारी होस्टल बनाने महिलाओं के लिए नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने व पदोन्नति एवं वेतन के मामलों में लिंग भेद खत्म करने की भी मांग की । न्यू पेंशन स्कीम खत्म कर सबको सम्मानजनक पेंशन दी जाए। महिलाओं का मातृत्व लाभ, बच्चों के लिए क्रैच एवं डे केयर सैंटर्स सुनिश्चित किए जाएं।
9. आंगनवाड़ी, आशा, मिड-डे-मील, क्रैच, मदर ग्रुप आदि के तौर पर काम कर रही सभी महिलाओं का रोजगार पक्का किया जाए और इन परियोजनाओं में पर्याप्त बजट दिया जाए। घरों में साफ-सफाई व अन्य सेवाएं देने वाली महिलाओं को न्यूनतम वेतन व अन्य सामाजिक सुरक्षा दी जाए।
मनरेगा का बजट बढाकर प्रतिदिन 600 रुपये मजदूरी एवं 200 दिन का काम सुनिश्चित करने , सकल घरेलू उत्पाद में अवैतनिक कार्य की गणना करने , घरेलू काम को भी मान्यता देने व घरेलू महिलाओं को पैंशन देने तथा महिलाओं का भूमि व संपत्ति का अधिकार सुनिश्चित करने की भी मांग की । सभी के लिए मुफ्त शिक्षा एवं मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा सुनिश्चित करने निजीकरण को बंद करने, दलित छात्रों की छात्रवृतियां समयबद्ध ढंग से लागु करने
कार्यस्थलों एवं सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए निःशुल्क शौचालयों की व्यवस्था करने , सभी सार्वजनिक स्थानों एवं बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, बसों में महिलाओं की आरक्षित सीटों को महिलाओं के लिए सुनिश्चित करने, एनसीवीटी से जुड़े आईटीआई छात्रों की मुफ्त बस पास की सुविधा बहाल करने ,सबके लिए सस्ता आवास, साफ पीने का पानी, सस्ती बिजली आदि नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मांग की । नशाखोरी, नशे की तस्करी एवं अवैध बिक्री पर रोक लगाने ,धर्म और जाति के नाम पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की करने की भी मांग की । इस दौरान सैकंडों महिला कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया व सांसद सतपाल बृहमचारी के सेक्टर 15 आवास पर उनके पर्सनल सेक्रेट्री को राज्य व केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपा ।
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