महर्षि दयानन्द का चरित्र चन्द्रमा की तरह स्वच्छ : महेन्द्र कुमार राष्ट्रीय जंक्शन / सोनीपत।

 स्थानीय काठ मंडी स्थित आर्य समाज में मंगलवार से शुरू हुए यजुर्वेद पारायण महायज्ञ में वैदिक प्रवक्ता महेन्द्र कुमार शास्त्री ने कहा महर्षि दयानन्द सरस्वती का चरित्र चन्द्रमा की तरह स्वच्छ है। उस महापुरुष की शिक्षाओं को अपनाने से सभ्य समाज की संरचना की जा सकती है। महर्षि दयानन्द ने ही वेदों पर जमी धूल को साफ करते हुए लोगों से वेदों की ओर लौटने को कहा था। वैदिक प्रवक्ता ने कहा कि यजुर्वेद के अनुसार ईश्वर हम मनुष्यों की रक्षा इसलिए करता है कि हम पृथ्वी पर सब प्राणियों को सुख पहुंचाएं। इसलिए हमें वेदविद्या, धर्म के काम और अनेक प्रकार के सुख सदा बढ़ाने चाहिएं। इस सृष्टि में जितने पदार्थ हैं उनसे अच्छे गुणों की खोज करो तथा उन गुणों का संसार में प्रचार करो जिससे सभी प्राणियों का सुख बढ़ता रहे।
       महायज्ञ के पहले दिन कपिल देव - मोनिका, गुरदीप-राधेश, जतिन -सोनिका, चांद सिंह-सरोज यजमान बने। वैदिक प्रवक्ता ने बताया कि यजुर्वेद के अनुसार वह परमात्मा सब जगह है। वह सबका मित्र है। सभी को सुख देने वाला है। इसलिए केवल उसी सर्वशक्तिमान परमेश्वर की उपासना करनी चाहिए और यज्ञ कर्म को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि परमेश्वर ने सब मनुष्यों को नियम से धर्म का पालन करने को कहा है। इसलिए सभी लोगों को परमात्मा द्वारा प्रकाशित किए गए सत्य धर्म को ग्रहण करना चाहिए जिससे अर्थ, काम और मोक्ष फलों की बड़ी आसानी से प्राप्ति हो सके। उन्होंने कहा कि यजुर्वेद के अनुसार मनुष्यों की इच्छा संसार के सभी प्राणियों को सुख पहुंचाने की होनी चाहिए जिससे परमात्मा के आदेश का सही से पालन किया जा सके।
इस अवसर पर यजमानों को स्मृति चिह्न भेंट किए गए। इस दौरान आर्य प्रतिनिधि सभा हरियाणा के वेद प्रचार अधिष्ठाता रमेश कुमार आर्य, मा. इन्द्र सिंह दहिया, जयसिंह दहिया, सुभाष व स्कूल प्राचार्य नरेन्द्र कुमार के अतिरिक्त स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।

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