जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डॉ० मनोज कुमार ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान शॉर्ट मैसेज सर्विसिज (एस.एम.एस.) का दुरूपयोग करना गैर कानूनी है और ऐसा करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों की पूर्ति के लिए चुनाव के समय में आपत्तिजनक एस.एम.एस. प्रेषित कर देते हैं जिससे की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव प्रक्रिया को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि आपत्तिजनक एस.एम.एस. चुनाव विधि के विभिन्न प्रावधानों व आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना गया है।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अगर किसी के मोबाईल पर किसी राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार द्वारा इस प्रकार का एस.एम.एस. प्राप्त होता है तो उसकी शिकायत पुलिस को करें। पुलिस इस आधार पर जांच करेगी कि आपत्तिजनक एस.एम.एस. का ओरिजनल सैंडर कौन है। ऐसा पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, जनप्रतिनिधि अधिनियम 1991 और चुनाव नियम 1961 के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव प्रचार समयावधि के अनुसार इस प्रकार के थोक में एस.एम.एस. भेजने की जानकारी रिर्टनिंग ऑफिसर को मिलती है तो यह मामला मुख्य चुनाव अधिकारी के नोटिस में लाया जाएगा और इस पर आने वाले खर्च को संबंधित उम्मीदवार के खर्च में जोड़ दिया जाएगा। मतदान समाप्त होने के 48 घंटे पहले तक राजनीतिक प्रकृति के थोक में एस.एम.एस. भेजना निषेध है। उन्होंने कहा कि मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर को भी इस बात पर विशेष ध्यान रखना होगा।
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