पारस हेल्थ गुरुग्राम ने सोनीपत के ट्यूलिप हॉस्पिटल में पहला लीवर ट्रांसप्लांट और जी आई ऑन्कोलॉजी ओपीडी शुरू किया राष्ट्रीय जंक्शन / सोनीपत।


सोनीपत में स्पेसिलाइज्ड हेल्थकेयर प्रदान करने के लिए पारस हेल्थ गुरुग्राम ने ट्यूलिप हॉस्पिटल में अपना पहला लीवर ट्रांसप्लांट और जी आई ऑन्कोलॉजी आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (ओपीडी) सेवाएं शुरू करने की घोषणा की हैं। इन सेवाओं को शुरू करने का उद्देश्य सोनीपत और इसके आस-पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लीवर और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जी आई) बीमारियों के लिए अत्याधुनिक इलाज उपलब्ध कराना है, अक्सर इस तरह की सेवाएं ज्यादातर मेट्रो शहरों में उपलब्ध होती हैं लेकिन इस तरह की सेवा अब सोनीपत में भी उपलब्ध है। इस बारे में न्यू बुलबुल रेस्टोरेंट, एटलस रोड, सोनीपत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
नई स्थापित ओपीडी का नेतृत्व पारस हेल्थ गुरुग्राम के इंस्टीट्यूट ऑफ लीवर एंड जी आई सर्जरी के डॉयरेक्टर डॉ. वैभव कुमार करेंगे। डॉ. कुमार गैलब्लैडर कैंसर सर्जरी, जीवित डोनर लीवर ट्रांसप्लांट, पीडियाट्रिक लीवर ट्रांसप्लांट और लीवर कैंसर सर्जरी सहित कॉम्प्लेक्स प्रक्रियाओं को करने में एक बहुत अनुभवी सर्जन हैं। अपनी एक्सपर्टीज के साथ वह इस क्षेत्र में लीवर और जी आई से संबंधित बीमारियों के लिए ओपीडी के माध्यम से इलाज और सर्जरी के बारे में कंसल्टेशन प्रदान करेंगे। हालाँकि इन बीमारियों के इलाज की सर्जरी पारस हेल्थ, गुरुग्राम में की जाएगी। 
डॉ. वैभव कुमार ने सोनीपत में मरीजों को स्टैंडर्ड देखभाल प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। उन्होंने आगे कहा, “हम सोनीपत क्षेत्र में लीवर ट्रांसप्लांट और जी आई ऑन्कोलॉजी के लिए ओपीडी सेवाएं प्रदान करने के लिए उत्साहित हैं, इन क्षेत्रों में लंबे समय से स्पेशलाइज्ड मेडिकल अटेंशन की आवश्यकता है। हमारा लक्ष्य स्थानीय स्तर पर नवीनतम इलाज और सर्जरी का विकल्प प्रदान करना है, जिससे मरीजों को आवश्यक देखभाल के लिए अन्य शहरों में न जाना पड़े। इस ओपीडी की स्थापना करके हम अपने मरीजों के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालने की उम्मीद करते हैं।”
लीवर की बीमारियों और जी आई कैंसर के लिए स्पेशलाइज्ड केयर की जरूरत होती है, जिसमें अक्सर इंटीक्रेट सर्जिकल (जटिल शल्य चिकित्सा) प्रक्रियाएं और लॉन्ग टर्म मैनेजमेंट शामिल होता है। लीवर ट्रांसप्लांट सेवाओं की शुरुआत होने से आखिरी स्टेज के लीवर की बीमारी, एक्यूट लीवर फेलियर और कुछ लीवर कैंसर से पीड़ित मरीजों को अब घर के करीब जीवन रक्षक इलाज़ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। जीवित डोनर लीवर ट्रांसप्लांट कार्यक्रम विशेष रूप से काबिलेतारीफ है, यह उन मरीजों के लिए लीवर ट्रांसप्लांट का एक विकल्प प्रदान करता है जो मृत डोनर लीवर का इंतजार नहीं कर सकते।
ट्यूलिप हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन एंड कार्डियोलॉजिस्ट, डॉयरेक्टर डॉ अनुराग अरोड़ा ने कहा, “ट्यूलिप हॉस्पिटल में लीवर ट्रांसप्लांट और जी आई ऑन्कोलॉजी ओपीडी सेवाओं की शुरुआत सोनीपत के निवासियों को हर संभव बेहतर हेल्थकेयर प्रदान करने के हमारे मिशन में एक प्रमुख उपलब्धि है। पारस हेल्थ के साथ हमारी यह साझेदारी सुनिश्चित करेगी कि हमारे मरीजों को स्पेशलाइज्ड देखभाल और समय पर कंसल्टेशन मिले, जिससे गंभीर लीवर और जी आई बीमारियों के लिए इलाज़ में उल्लेखनीय सुधार होगा। हमें इस पहल का हिस्सा बनने पर गर्व है और हम अपने समुदाय को बेहतर इलाज तथा देखभाल के हाईएस्ट स्टैंडर्ड के साथ सेवा प्रदान करने के लिए तैयार हैं।”
ओपीडी सेवाएं गैस्ट्रोइंटेस्टिनल ट्रैक्ट संबंधी कैंसरों के डायग्नोसिस और इलाज़ पर ध्यान केंद्रित करेंगी, जिसमें एसोफैजियल, पेट, कोलोरेक्टल और पैनक्रियाटिक के कैंसर शामिल हैं। सोनीपत में इन सेवाओं की उपलब्धता से मरीजों को बीमारी की शुरुआती पहचान और डायग्नोसिस से लेकर सर्जिकल हस्तक्षेप तक व्यापक देखभाल मिलेगी।

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