शिक्षण संस्थानों के आस-पास बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू और नशीले पदार्थों की बिक्री पूर्ण प्रतिबंध-उपायुक्त -नशा मुक्त समाज के लिए हर वर्ग की सहभागिता जरूरी, एनसीबी नंबर 9050891508 पर दें सूचना राष्ट्रीय जंक्शन / सोनीपत।

हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने विडियों कांफ्रेंस के माध्यम से सोमवार को जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षकों के साथ एनकोर्ड (नेशनल कोर्डिनेशन सेंटर) की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जिला में नशे की चैन को तोडऩे के लिए अधिकारी एक विशेष प्लान तैयार कर नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें ताकि इस बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।
वीसी के उपरांत उपायुक्त डॉ० मनोज कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला में शिक्षण संस्थान के आस-पास बीड़ी, सिगरेट, तम्बाकू या अन्य नशीले पदार्थ की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्कूलों में नौंवी से बाहरवी तक के विद्यार्थियों को नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन करवाएं। स्कूलों में युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दें, ताकि वे इससे दूर रहें। यदि किसी को यह बुरी लत लग भी गई हो तो उसके पुनर्वास के लिए प्रयास किये जाने चाहिए। सभी शिक्षण संस्थान अपने परिसर में नशे के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए फलैक्स आदि भी लगवाएं। 
उपायुक्त ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों में एक शिकायत/सुझाव पेटी भी लगवाई जाए ताकि कोई भी विद्यार्थी अगर संस्थान में नशा ब्रिकी को लेकर कोई गतिविधि चल रही है तो वह अपनी शिकायत/सुझाव इसमें डाल सके। शिकायत पेटी में इस प्रकार की शिकायत मिलते ही संबंधित अधिकारी तुरंत इसपर कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि जिला को नशा मुक्त बनाना है, जिसके लिए सक्रिय रूप से एकजुट प्रयासों की आवश्यकता है। नशा केवल बर्बादी का रास्ता है, जिसमें फंसकर युवा खुद के साथ परिवार को भी बर्बादी के मार्ग पर ले जाते हैं। हमें अपने युवाओं को नशे से बचाना है, जिसके लिए हर संभव प्रयास किये जायें। 
उपायुक्त ने कहा कि उन्होंने कहा कि नशा ऐसी समस्या है जो विकास में बाधक है। यह बहुत बुरी लत है, जिससे युवाओं को संरक्षित रखना होगा। हर प्रकार का नशा बेहद घातक होता है। सामाजिक जीवन के साथ आर्थिक तौर पर भी नशा नुकसान ही पहुंचाता है। इसलिए एकजुटता के साथ नशा विरोधी अभियानों को गति दी जाए। उन्होंने आम जनमानस का आह्वïान किया कि नशे का व्यापार करने वालों को पकड़वाने में प्रशासन की मदद करें, ताकि युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखा जा सके। उन्होंने कहा कि अगर नशे की बिक्री को लेकर कोई जानकारी देनी है तो वह एनसीबी नंबर 9050891508 पर दें। शिकायर्ता की जानकारी गुप्त रखी जाएगी। 
उन्होने कहा कि गांवों में कैंप लगाए और अपने-अपने कार्य के अनुरूप युवाओं व आमजन को जागरूक करें। समय-समय पर जिला के सभी नशा मुक्ति केंद्रों की जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि नशे की दवाओं पर रोक को लेकर प्रशासन की पैनी नजर है। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा साथी ऐप का संचालन किया जा रहा है। इस ऐप में मेडिसिन की एंट्री किए बिना केमिस्ट कोई भी मेडिसिन दवा नहीं रख सकते। यही कारण है कि साथी एप नशे संबंधित दवाओं पर रोक लगाने में काफी मददगार साबित हो रहा है। साथ ही सिंथेटिक नशे के चलन पर रोक लगाने के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह सजग है। सरकार और प्रशासन की एडिक्ट बनाने वाली दवाओं पर भी नजर रख रही है। 
उपायुक्त ने कहा कि साइकोट्रोपिक दवाओं की खुदरा, थोक और स्टॉकिंग के लिए प्रत्येक लाइसेंस धारक को इस साथी ऐप में ऑनलाइन एंट्री करनी होगी। एंट्री के बगैर कोई भी दवा रखने पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जायेगी। इस मामले में एनडीपीएस  एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज होगा। 
इस मौके पर डीसीपी नरेन्द्र ङ्क्षसह, अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी, एसडीएम अमित कुमार, डीए सुनील खत्री सहित संबंधित सभी अधिकारी मौजूद रहे।
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