तिलियार पर 5 द्विसीय राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर शुरू, 17 मई को होगा संपन्न


राष्ट्रीय जंक्शन / रोहतक । 
उपायुक्त अजय कुमार ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों तथा प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण योगदान होता है। संबंधित विभागों का आपसी तालमेल उच्च स्तर का होना चाहिए। आपदा की स्थिति में सभी बचाव टीमें तालमेल व उच्च प्रयास के साथ कार्य करें ताकि आम जन की जानमाल की रक्षा हो सके।
अजय कुमार स्थानीय तिलियार लेक पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा आयोजित पांच दिवसीय राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ करने के उपरांत उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित कर रहे थे। यह प्रशिक्षण शिविर 17 मई तक जारी रहेगा। प्रदेशभर के मास्टर ट्रेनर व प्रशिक्षणार्थियों को हर वर्ष बाढ़ राहत का प्रशिक्षण तिलियार लेक पर दिया जाता है। अजय कुमार ने कहा कि आपदा प्रबंधन की तैयारियों के साथ सर्वप्रथम उपलब्ध संसाधनों की जांच की जाती है तथा आवश्यकता अनुसार उन्हें दुरुस्त करवाया जाता है ताकि किसी भी आपदा के समय यह संसाधन प्रयोग में लिये जा सके। उन्होंने कहा कि गत वर्ष देश के उत्तरी राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ की स्थिति में आपदा प्रबंधन टीमों ने लोगों की जानमाल की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
उपायुक्त अजय कुमार ने कहा कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा प्रतिवर्ष ऐसे तीन प्रशिक्षण शिविर आयोजित किये जाते है, इनमें से पहला प्रशिक्षण शिविर अप्रैल माह में कुरुक्षेत्र में खड़े पानी में प्रशिक्षणार्थियों व मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण दिया जाता है। दूसरा प्रशिक्षण शिविर मई माह में स्थानीय तिलियार लेक पर आयोजित किया जाता है तथा तीसरा प्रशिक्षण बहते पानी में हथिनी कुंड बैराज पर आयोजित किया जाता है। इस शिविर में प्रथम दो प्रशिक्षण शिविरों में प्रथम व द्वितीय रहने वालों के अलावा होमगार्ड व फस्र्ट ऐड के प्रशिक्षणार्थियों को भी शामिल किया जाता है। प्रशिक्षण शिविरों में चप्पू चलाना, नाव चलाना, तैराकी तथा आपदा के समय लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की जानकारी दी जाती है।
इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर व प्रशिक्षणार्थी तथा संबंधित अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

Comments